प्रश्न 1- खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य क्या है?
उत्तर: सामान्य धान के लिए ₹2369 प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-A धान के लिए ₹2389 प्रति क्विंटल।
प्रश्न 2- किसान धान अधिप्राप्ति के लिए पंजीकरण कैसे कर सकते हैं?
उत्तर: किसान आवश्यक दस्तावेजों के साथ e-Uparjan पोर्टल / प्रज्ञा केंद्र के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं।
प्रश्न 3- पंजीकरण के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता है?
उत्तर:
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- मोबाइल नंबर
- भूमि दस्तावेज / स्वयं-घोषणा पत्र
- फोटोग्राफ
प्रश्न 4- किसान अधिकतम कितनी मात्रा में धान बेच सकता है?
उत्तर: झारखंड में प्रति एकड़ 16 क्विंटल, अधिकतम 200 क्विंटल तक धान बेचने की अनुमति है।
प्रश्न 5- किसानों को भुगतान कब प्राप्त होगा?
उत्तर: न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान 48 घंटे से 7 दिनों के भीतर किया जाएगा।
प्रश्न 6- किसान अपना धान कहाँ बेच सकते हैं?
उत्तर: नजदीकी धान अधिप्राप्ति केंद्र (PACS / LAMPS / FPO) पर।
प्रश्न 7- अधिप्राप्ति केंद्रों पर धान क्रय का समय क्या है?
उत्तर: सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक।
प्रश्न 8- क्या किसान बिना टोकन के आ सकते हैं?
उत्तर: हाँ, किसान मोबाइल ऐप के माध्यम से स्लॉट बुकिंग कर सकते हैं।
प्रश्न 9- धान की गुणवत्ता की जांच किन मानकों पर होती है?
उत्तर: नमी, अपशिष्ट पदार्थ, क्षतिग्रस्त दाने, अधपके दाने – FCI/GOI FAQ मानकों के अनुसार।
प्रश्न 10- अनुमेय नमी की मात्रा कितनी है?
उत्तर: अधिकतम 17%।
प्रश्न 11- यदि धान गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता तो क्या होगा?
उत्तर: धान को अस्वीकार कर दिया जाएगा।
प्रश्न 12- गुणवत्ता परीक्षण कौन करता है?
उत्तर: प्रशिक्षित PACS/LAMPS प्रतिनिधि एवं नियुक्त सरकारी अधिकारी।
प्रश्न 13- भुगतान में देरी होने पर क्या करें?
उत्तर:
- PACS / LAMPS
- PGMS हेल्पलाइन: 1967 / 1800-212-5512
प्रश्न 14- क्या बिक्री की रसीद मिलेगी?
उत्तर: हाँ, मात्रा एवं मूल्य अंकित पर्ची प्रदान की जाएगी।
प्रश्न 15- किसान शिकायत कहाँ दर्ज करें?
उत्तर: PGMS हेल्पलाइन या e-Uparjan पोर्टल।
प्रश्न 16- जिला स्तर पर अधिप्राप्ति की निगरानी कौन करता है?
उत्तर: जिला स्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला अनुश्रवण समिति द्वारा धान अधिप्राप्ति कार्यों की निगरानी की जाती है।
प्रश्न 17- यदि किसान निर्धारित तारीख पर नहीं आ पाता है तो क्या होगा?
उत्तर: किसान मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी सुविधा अनुसार निर्धारित तिथि बदल सकते हैं।
प्रश्न 18- अधिप्राप्ति (PACS/LAMPS/FPO) या प्रतिनियुक्त पदाधिकारी की भूमिका क्या है?
उत्तर:
- धान अधिप्राप्ति केंद्र के सभी कार्यों का अनुश्रवण
- बायोमेट्रिक माध्यम से लॉगिन
- प्रतिदिन के अंतिम अधिप्राप्ति विवरण को अनुमोदित करना
- किसान के धान की मात्रा सत्यापित कर भुगतान हेतु ऑनलाइन प्रविष्टि करना
प्रश्न 19- धान अधिप्राप्ति के दौरान PACS/LAMPS को कौन-कौन सी जांच करनी चाहिए?
उत्तर:
- कैलिब्रेटेड वजन मशीन
- नमी मापक (Moisture Meter)
- तिरपाल शीट्स
- टोकन रजिस्टर
- किसान के बैठने की व्यवस्था
- CCTV
- पावर बैकअप
प्रश्न 20- अधिप्राप्ति प्रारंभ होने से पहले PACS को किन प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करना चाहिए?
उत्तर:
- पंजीकृत किसानों का सत्यापन
- धान की गुणवत्ता एवं FAQ मानकों की जांच
- वजन एवं माप का सत्यापन
- भुगतान हेतु आधार आधारित सत्यापन
- धान का सुरक्षित भंडारण
- परिवहनकर्ता एवं मिलर प्रतिनिधि से समन्वय
- दैनिक रिपोर्टिंग एवं सिस्टम अपडेट
प्रश्न 21- अधिप्राप्ति प्रक्रिया कब अपलोड की जानी चाहिए?
उत्तर: उसी दिन।
प्रश्न 22- दैनिक अंतिम अधिप्राप्ति डेटा को कौन स्वीकृत करता है?
उत्तर: पहले PACS प्रबंधक द्वारा, उसके बाद प्रतिनियुक्त पदाधिकारी/कर्मी द्वारा।
प्रश्न 23- क्या मिलर प्रतिनिधि द्वारा धान का सत्यापन आवश्यक है?
उत्तर:
- हाँ, वाहन PACS पर पहुंचने पर मिलर प्रतिनिधि सबसे पहले धान की मात्रा, वाहन प्रकार और वाहन नंबर का सत्यापन करता है।
- सत्यापन e-POS मशीन द्वारा बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से किया जाता है।
- ट्रक की फोटो एवं वाहन नंबर कैप्चर कर e-Uparjan पोर्टल पर अपलोड किया जाता है।
- इसके बाद वजन, अनलोडिंग अनुमति एवं लेन-देन अपडेट किया जाता है।
प्रश्न 24- मिलर के कार्य की निगरानी कौन करता है?
उत्तर: जिला आपूर्ति पदाधिकारी (DSO) द्वारा। DSO मिलर के पंजीकरण, क्रेडेंशियल एवं टैगिंग की जांच करता है।
प्रश्न 25- अंतिम दैनिक अधिप्राप्ति डेटा कैसे स्वीकृत किया जाता है?
उत्तर: e-POS मशीन का उपयोग करके।
प्रश्न 26- क्या वाहनों के लिए अतिरिक्त सत्यापन आवश्यक है?
उत्तर: हाँ। मिलर प्रतिनिधि के RO हेतु पहुंचने पर वाहन की रजिस्ट्रेशन/नंबर प्लेट सहित फोटो ली जाती है।
प्रश्न 27- मिलर प्रतिनिधियों का विवरण कैसे और कब दर्ज किया जाएगा?
उत्तर: मिलर प्रतिनिधियों का विवरण e-Uparjan पोर्टल पर बायोमेट्रिक माध्यम से दर्ज किया जाएगा। एक मिलर के एक या अधिक प्रतिनिधि हो सकते हैं।